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युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति को नहीं भूलें: सोमेश्वर नारायण शर्मा
महा शिवरात्रि पर सनातन संस्कृति का संदेश बालोतरा में ‘रामचरित रैप यात्रा’ का सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पड़ाव

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा, 15 फरवरी।
बालोतरा प्रवास के दौरान भारत भूषण सम्मानित, बॉलीवुड पार्श्व गायक, अभिनेता, म्यूज़िक डायरेक्टर एवं फिल्म प्रोड्यूसर सोमेश्वर नारायण शर्मा (सोमेश्वर महादेवन) ने शिवरात्रि एवं वेलेंटाइन डे के सन्दर्भ में युवाओं को सनातन संस्कृति से जुड़ा संदेश दिया।
*6मिनट के रैप में समेटा रामायण का सार*
उन्होंने कहा कि प्रेम को केवल आधुनिक उत्सवों तक सीमित न रखते हुए भारतीय संस्कृति के मूल्यों — पवित्रता, सम्मान, परिवार एवं आध्यात्मिकता — से जोड़कर देखना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उनका उद्देश्य है कि
*संगीतकार सोमेश्वर नारायण शर्मा चाहते* *हैं* *राजस्थान के कलाकार* *आगे बढ़े*
‘रामचरित रैप यात्रा’ के बालोतरा में आयोजित सांस्कृतिक पड़ाव के दौरान सोमेश्वर महादेवन ने कहा कि प्रेम केवल व्यक्तिगत भावना नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना का भी विषय है। भारतीय संस्कृति सदैव प्रेम को मर्यादा, करुणा और उत्तरदायित्व के साथ जोड़ती रही है।
उन्होंने बालोतरा की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि बालोतरा केवल एक सीमांत जिला नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवंत लोक संस्कृति एवं परंपराओं की धरोहर है। यहाँ की मिट्टी, संगीत और संस्कृति आत्मा को स्पर्श करती है। इस पावन भूमि पर ‘रामचरित रैप’ का संदेश देना उनके लिए सम्मान एवं सौभाग्य का विषय है।
बालोतरा आगमन पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय कला प्रेमियों एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधियों से आत्मीय मुलाक़ात की। इस दौरान कला, संस्कृति एवं युवा पीढ़ी को अध्यात्म से जोड़ने की अपनी दृष्टि तथा ‘रामचरित रैप’ की अवधारणा पर सार्थक चर्चा की।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल एक संगीत अभियान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक अभिव्यक्ति के संगम का सशक्त प्रयास है। यात्रा के विभिन्न चरणों में वे राजस्थान के अनेक जिलों का दौरा कर चुके हैं। वहीं बालोतरा से जोधपुर जाते वक्त बीच रास्ते में कल्याणपुर क्षेत्र के काकराला के विरधाणियों की ढाणी में एक घंटे तक ग्रामीणों से चर्चा की गई इसी दौरान सोमेश्वर महादेवन का ग्रामीणों ने साफा पहनाकर स्वागत सम्मान दिया गया, उन्होंने
*जन जागरण संदेश से बात करते हुए बताया* कि वर्तमान चरण के अंतर्गत यह सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक यात्रा जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर एवं पाली जिलों में आयोजित की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि सोमेश्वर महादेवन अयोध्या राम मंदिर से जुड़े अपने भजनों के लिए विशेष रूप से चर्चित रहे हैं। रामलला मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) के अवसर पर उनके भजन “अवध में आज दिवाली है” एवं “गजानना हे महामहे” व्यापक रूप से सराहे गए।
विशेष उल्लेखनीय है कि उनका अनूठा संगीत प्रयोग — “दुनिया का पहला ‘ॐ सॉन्ग’” — भी अत्यंत चर्चित रहा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उन्होंने यह गीत मीडिया प्रतिनिधियों को विशेष रूप से सुनाया, जिसे उपस्थित सभी जनों ने आध्यात्मिक एवं संगीतमय अनुभूति के रूप में सराहा।
कलाकार परिचय:
सोमेश्वर नारायण शर्मा, जिन्हें कला जगत में सोमेश्वर महादेवन के नाम से जाना जाता है, राजस्थान के सुप्रसिद्ध कलाकार हैं। वे प्लेबैक सिंगिंग, एक्टिंग एवं प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वॉइस ऑफ़ राजस्थान’ के रूप में पहचान बना चुके सोमेश्वर महादेवन सनातन धर्म, भक्ति एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित संगीत रचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
उन्हें भारतीय प्रतिष्ठा पुरस्कार (उत्तर प्रदेश सरकार) से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही, राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (RIFF) के 9वें संस्करण में बेस्ट प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड प्राप्त हुआ है।
उनके कई लोकप्रिय गीत दर्शकों के बीच विशेष रूप से चर्चित रहे हैं, जिनमें
यह तेरी सरजमीन
गरबा रास
अबकी बार चार सौ पार
हरे कृष्णा
हैप्पी न्यू ईयर
हुजुरिया प्रमुख हैं।
लोक संस्कृति, लोक संगीत, लोक वाद्य एवं पारंपरिक रागों के संरक्षण के प्रति उनका समर्पण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वे राजस्थान के गौरव माँड राग को वैश्विक स्तर पर उजागर करने के प्रयासों में निरंतर संलग्न हैं।
अपने प्रोडक्शन हाउस USA Cube Production के माध्यम से वे अब तक लगभग 200 से अधिक कलाकारों एवं युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर चुके हैं। कला, संस्कृति एवं युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें विभिन्न सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
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