कांग्रेस विधायक के इशारे पर उच्च न्यायालय में रिट डालकर किच्छा एवं सिरौली कला में नगर निकाय के चुनाव में बार-बार अवरोध लगाने से नाराज की किच्छा एवं सिरौली कला की जनता ने हजारों की संख्या में हाथों में तख्तियां लेकर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की अगुवाई में कांग्रेस के विरोध में किया प्रदर्शन
At the behest of a Congress MLA, a writ petition was filed in the High Court against the repeated obstruction of municipal elections in Kichha and Sirauli Kala. Thousands of Kichha and Sirauli Kala residents, led by former MLA Rajesh Shukla, protested against the Congress party, holding placards in their hands.


ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल
किच्छा…कांग्रेस विधायक के इशारे पर उच्च न्यायालय में रिट डालकर किच्छा एवं सिरौली कला में नगर निकाय के चुनाव में बार-बार अवरोध लगाने से नाराज की इच्छा एवं सिरौली कला की जनता हजारों किच्छा एवं सिरौली कला की जनता हजारों की संख्या में हाथों में तख्तियां लेकर कांग्रेस के विरोध में प्रदर्शन किया तथा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की अगुवाई में आज नई मंडी से लेकर किच्छा परगनाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला एवं मुख्यमंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन भेजकर सिरौली कला को किच्छा से अलग रखकर चुनाव कराने की मांग की।

आज सुबह 10:30 से ही नई मंडी किच्छा में बड़ी संख्या में लोग जुतने शुरू हो गए सिरौली कला एवं किच्छा नगर पालिका के वार्डो से झुंड के झुंड लोग हाथों में स्लोगन लिखे हुए प्ले कार्ड (तख्तियां) जिन पर किच्छा से सिरौली कला को अलग रखते हुए दोनों स्थानों पर चुनाव कराने की मांग को लेकर जबरदस्त नारेबाजी कर रहे थे।

इस अवसर पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उनके अनुरोध पर सिरौली कला को किच्छा से अलग नगर पालिका का दर्जा दिया परंतु मुसलमानों को अपना वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस पार्टी को यह रास नहीं आया, उन्होंने किच्छा नगर पालिका का चुनाव सिरौली कला के वोटो के सहारे जीतने के लिए सिरौली कला को अलग नगर पालिका बनाने का विरोध करते हुए माननीय उच्च न्यायालय में क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ के खासम खास लोगों द्वारा रिट डालकर चुनाव उलझा दिया गया है।

शुक्ला ने कहा कि 1 वर्ष से किच्छा नगर पालिका एवं लगभग 6 वर्षों से सिरौली कला का मामला कोर्ट में उलझाने से इन दोनों क्षेत्रों का विकास बाधित हो रहा है, करोड़ों रुपए की विकास योजनाओं से यह क्षेत्र वंचित है, इसकी सीधी जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है, उनके नेताओं में सिरौली कला के बिना किच्छा में चुनाव लड़ने का साहस नहीं है, वे सिरौली कला को अलग नगर पालिका मिलने पर दुखी हैं उन्हें सिरौली का विकास नहीं सिर्फ वहां का वोट चाहिए।

पूर्व प्रधान सिरौली कला नासिर खान ने कहा कि जब सिरौली कला किच्छा नगर पालिका का हिस्सा था तो इस क्षेत्र की उपेक्षा हुई तत्कालीन विधायक राजेश शुक्ला के प्रयासों से जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अलग नगर पालिका सिरौली को दी तो हमें उम्मीद लगी कि अब हमारी सिरौली कला के दिन बहुरेंगे लेकिन कांग्रेस नेताओं की जिद के चलते यह मामला उच्च न्यायालय में लटका है जिससे सिरौली कला का नुकसान हो रहा है, आने वाले नगर पालिका चुनाव एवं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हम इंसान है वोट बैंक नहीं।
सिरौली निवासी विधान मलिक नाजिम मलिक आदि ने सभा का संबोधित करते हुए कहा कि धामी सरकार ने सिरौली कला को नगर पालिका बनाया तथा किच्छा एवं सिरौली कला के नगरी क्षेत्र में आबादियों को मालिकाना हक देने का काम शुरू किया है जो कांग्रेस को हजम नहीं हो रहा है उनकी कलई खुल चुकी है।
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