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खेजड़ी बचाओ आंदोलन को मिला टीम सावधान इंडिया 077 का समर्थन
कैप्टन डॉ. ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने किया संबोधन, पेड़ कटाई पर जताया कड़ा विरोध

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर।
बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहे पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति (खेजड़ी बचाओ आंदोलन) के समर्थन में रविवार को टीम सावधान इंडिया 077 के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पर्यावरण संरक्षण टास्क फोर्स इंडिया 077 के अध्यक्ष कैप्टन डॉ. ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया अपनी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ संगठन के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना स्थल पर मंच से आमंत्रण मिलने पर कैप्टन डॉ. भदौरिया ने हजारों की संख्या में उपस्थित माताओं, बहनों एवं जनसमुदाय को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने जांभोजी और अमृता देवी को नमन करते हुए की। उन्होंने धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं के चरणों में शीश झुकाकर तथा मंचासीन संत समाज को नमन कर आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कैप्टन डॉ. भदौरिया ने कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, ऐतिहासिक धरोहरों और महापुरुषों के इतिहास को संरक्षित रखने के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में लाखों की संख्या में खेजड़ी सहित अन्य पेड़ों की कटाई की सच्चाई रिकॉर्ड में आ चुकी है, जो मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत घातक है।
उन्होंने सोलर परियोजनाओं के नाम पर हो रही पेड़ कटाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ व्यापारिक हितों के लिए प्रकृति का विनाश किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भारतीय संविधान का सम्मान करते हैं, लेकिन संविधान से ऊपर जाकर प्रकृति के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी एवं एबीवीपी से जुड़े रहे हैं और उनके साथ राजस्थान भर में लाखों कार्यकर्ता जुड़े हैं, लेकिन जिस प्रकार से खेजड़ी सहित अन्य पेड़ों की कटाई हो रही है, उसके विरोध में वे अपने पदों से त्यागपत्र देने का निर्णय ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी कड़ा संदेश दिया।
अंत में कैप्टन डॉ. भदौरिया ने प्रशासन से मांग की कि यदि भविष्य में बीकानेर जिले या राजस्थान के किसी भी हिस्से में खेजड़ी या अन्य किसी भी पेड़ की अवैध कटाई होती है और उसके प्रमाण सामने आते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उनके इस बयान के बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने आंदोलन को मजबूती मिलने की बात कही।
धरना स्थल पर उपस्थित माताओं, बहनों, बुजुर्गों और सामाजिक संगठनों ने उनके समर्थन और संबोधन का स्वागत करते हुए आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।

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