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जसोल में स्मृति सभा: नशा मुक्त जीवन का संकल्प, मात्र 3 दिन में शोक समाप्त करने का समाज को संदेश

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल /26/01/2026स्मृति सभा में नशा नहीं करने का संकल्प व मात्र (3)दिन में शोक समाप्त करने की घोषणा कर समाज को नया सन्देश दिया =:जसोल में जम्बूराम जी भन्साली परिवार (जय विजय ग्रुप )की सबसे बड़ी महिला श्रीमती खम्मा देवी (93)धर्म पत्नी स्व,श्री मोहनलाल जी भन्साली का निधन 23जनवरी 2026शुक्र वार(बसंत पंचमी )के दिन अल सवेरे ठीक 4,35पर हो गया। उनका उठावना/स्मृति-सभा सोमवार26जनवरी 2026को तेरा पंथ भवन जसोल में दिन के11,oo बजे रखी गयी। श्री मती खम्मा देवी ने अपने जीवन काल मेँ कभी भी किसी प्रकार का व्यसन नहीं किया व सादा जीवन उच्च विचार की धनी रही।स्मृति-सभा में कई वक्तावो व परिवार जनो ने अपनी अपनी भावनाए वक़्त की एवंश्रीमती खम्मादेवी के जीवन से सीख लेने की बात दोह रा ई। पूर्व सरपंच व प्रमुख समाज सेवी एवं श्रीमती खम्मा देवी के देवर श्री भंवर लाल जी भन्साली ने कहा की संयुक्त परिवार को साथ लेकर चलने की उनमे अद्भुत कला थी। मेने अपने जीवन मेँ कभी उन्हें लड़ते झगड़ते नहीं देखाऒर उनमें एक माँ सच्चा रूप देखा।अणुव्रत उपाध्यक्ष व युवा समाज सेवी श्री प्रवीण भंस्सली ने कहा की”एक युग का अंत हुआ,पर संस्कारो की सुगंध आज भी शेष है “उन्होंने तीन -तीन परिवारौ को (भन्साली, मेहता व दोसी), सुख मे व दुख मे संभाला।भन्साली परिवार की बहु-बेटियों ने सामूहिक गीतिका के माध्यम से अपने श्रदा=सुमन अर्पित किये। तेरा पंथ सभा के अध्यक्ष श्री भूपत राज जी कोठारी ने श्री मती खम्मा देवी को धार्मिक महिला बताते हुए पुरे जसोल तेरा पंथ सभा की ऒर से भन्साली परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रदांजलिअर्पित की व पीहर पक्ष( मेहता परिवार )व भन्साली परिवार के सदस्यों के द्वारा समाज व धर्मके प्रति जो समर्पित भाव है उनकी सराहना की। पीहर पक्ष की ओर सेश्री महेन्द्र b मेहताव श्री विजय राज मेहता नेअपने भावो की अभिवक्ति दी व उनके सद गुणों को नमन किया। सुरेन्द्र कुमारJ तातेड(पुणे)व शांतिलाल C भन्साली (जयपुर)ने श्रदांजलि व्यक्त करते हुए श्री मती खम्मा देवी जी के संकारित जीवन पर साहित्य तैयार करने की अर्ज की ताकि आने वाली पीढ़ी सबक ले सके। अणुव्रती श्री जवेरीलाल संखलेचाअसाडा ने श्री मती खम्मा देवी के नैतिक गुणों की तारीफ करते हुए सादा जीवन उच्च विचार की प्रशांसा की। भाणेज श्री सुरेशचद्र H दोसी ने गीतिका के द्वारा उनके सदकर्मों पर प्रकाश डाला। सतीश भन्साली ने दादीमाँके बच्चों के प्रति उनके स्नेह भावो की जानकारी दी। जवाई पक्ष की ओर से संदीपजीने अपने भाव व्यक्त किये। नने-मुने बालक-बालिकाओं मे निकिता लोढ़ा(जयंती लाल जी की पुत्री), दिवती भंसाली (अभिषेक जी की पुत्री), ग्रिवा भन्साली (विक्रम जी की पुत्री), प्रथम नेतानी, सीमा नेतानी, सरिता जीनानी आदि ने तुतली भाषा मे अपने स्नेह भाव को व्यक्त किया। प्रबुद्ध जनों व जन प्रतिनिधियों की तरफ से स्मृति -पत्र सप्रेमभेंट किया जिसका वाचन अणुव्रत मंत्री सफरूखान ने किया एवं संकल्प दिराया कीअगर आपको कोई “बीड़ी, सिगरेट्स, गुटखा, शराब आदि नशाकी मनुहार करे तो आपको बोलना है”ना सा ना”ऒर अगर कोई आपको चाय, कॉपी, ठंडाआदि की बार -बारमनुहार करे तो आपको बोलना है”बस सा बस”क्योंकि लोग दिनभर मे 8,10कप तक चाय पी लेते है जो स्वस्थ के लिए हानिकारक है। उनकी स्मृति मे पौधा लगाने की अर्जकी गयी। कार्यक्रम के प्रारम्भ मे आचार्य श्री महा श्रमण का संदेश श्री डूंगर चंद जी सालेचा ने वाचन किया, साध्वी प्रमुखा विश्वतविभाजीका संदेश श्री शांतिलाल जी भन्साली ने, जिनेश मुनि श्री का रोहित जी संख लेचा ने, भन्साली समाज का श्री राणमलजी भन्साली ने तथा जसोल रावल साहब का संदेश श्री सम्पत राज चोपड़ा ने वाचन किया जिसका सभी ने ओम अर्हम बोलकर अनुमोदना की। कार्य क्रम का सफल संचालनश्री सम्पत राज जी चोपड़ा ने किया। अंत मे मंगल पाठ के साथ शोक का अंगोंचा उतार कर गुरु वंदना की एवं ओम अर्हम की ध्वनि के साथ शीग्र गुरु दर्शन की भावना प्रगट कीएवं नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।

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