उत्तर प्रदेशकविताएंबस्ती
अमर कहानी महाराणा प्रताप की

अमर कहानी महाराणा प्रताप की
आओ तुमको बतलाता हूँ,
अमर कहानी महाराणा की।
चेतक जिसका प्यारा घोड़ा,
क्षत्रिय राजपूत मस्ताना की।
घास की रोटी खाकर भी जो,
अपने कर्तव्य पथ से न डिगा।
उसकी निर्भीक शौर्य-पराक्रम,
वीरता के आगे कोई न टिका।
रानी पद्मिनी के जौहर की,
जय पन्ना जैसी धाय माँ की।
भामा शाह से महादानी की,
झाला मान्ना से बलिदानी की।
राष्ट्र निर्माण में मेवाड़ मुकुट ने,
अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
राष्ट्र-धर्म कर्तव्य बोध में जिसने,
साम्राज्य, सब ऐश्वर्य त्याग दिया।
जिनसे है इतिहास कलंकित,
जयचंद जैसे द्रोही गद्दारों की।
मुगलों को है नित धूल चटाई,
अमर कहानी महाराणा की।
✍️ प्रस्तुति:
रवीन्द्र कुमार राणा
(साहित्यकार एवं प्रकृति प्रेमी)

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