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मंडूक आसन: स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी योग अभ्यास – योगाचार्य वेदान्त सिंह

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती (वेदांत टाइम्स/बस्ती टाइम्स 24 न्यूज)। मधुमेह नियंत्रण व कब्ज ,गैस, अपज जैसी समस्याओं में राहत योग विज्ञान में मंडूक आसन का विशेष महत्व है। यह आसन देखने में सरल होते हुए भी शरीर और मन पर गहरा प्रभाव डालता है। नियमित अभ्यास से यह अनेक रोगों में लाभकारी सिद्ध होता है। संकल्प योग वैलनेस सेंटर, बस्ती के योगाचार्य वेदान्त सिंह के अनुसार मंडूक आसन विशेष रूप से पेट, मधुमेह और मानसिक तनाव से संबंधित समस्याओं में उपयोगी है।
मंडूक आसन करने की विधि:
सर्वप्रथम वज्रासन में बैठ जाएं। अब दोनों हाथों की मुट्ठी बनाकर अंगूठे को अंदर रखें। इन मुट्ठियों को नाभि के पास पेट पर रखें। श्वास भरते हुए रीढ़ को सीधा रखें और श्वास छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें, जिससे पेट पर दबाव पड़े। सिर और दृष्टि सामने या नीचे की ओर रखें। कुछ क्षण इस स्थिति में सामान्य श्वास-प्रश्वास करते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे वापस वज्रासन में आ जाएं। प्रारंभ में 20–30 सेकंड अभ्यास करें, बाद में समय बढ़ाया जा सकता है।
मंडूक आसन से होने वाले लाभ:
योगाचार्य वेदान्त सिंह बताते हैं कि यह आसन अग्न्याशय (पैंक्रियाज) को सक्रिय करता है, जिससे मधुमेह नियंत्रण में सहायक होता है। पेट पर दबाव पड़ने से पाचन शक्ति बढ़ती है और कब्ज, गैस, अपच जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। मोटापा कम करने में भी यह आसन उपयोगी है। इसके अतिरिक्त यह आसन मानसिक तनाव, चिंता और थकान को दूर कर मन को शांत करता है।
मंडूक आसन रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है। नियमित अभ्यास से ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। हालांकि गंभीर पीठ दर्द, हर्निया या गर्भावस्था में इस आसन को करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
योगाचार्य वेदान्त सिंह का कहना है कि यदि मंडूक आसन को नियमित दिनचर्या में शामिल किया जाए तो यह स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ रोग निवारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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