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ब्रेन सर्जरी में सहायक के रूप में एक्यूप्रेशर पर बढ़ी चर्चा

(वेदांत टाइम्स/बस्ती टाइम्स 24 न्यूज,नीतिश चौधरी)
प्रयागराज। एक्यूप्रेशर को लेकर चिकित्सा जगत में एक बार फिर नई बहस और संभावनाओं का दौर शुरू हो गया है। पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति एक्यूप्रेशर, जिसमें शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर दबाव देकर रोगों के उपचार का प्रयास किया जाता है, अब ब्रेन सर्जरी जैसे गंभीर चिकित्सकीय विषय के संदर्भ में चर्चा में है।
प्रो. डॉ. नवीन सिंह, निदेशक, अखंड एक्यूप्रेशर रिसर्च ट्रेनिंग एंड ट्रीटमेंट इंस्टीट्यूट, प्रयागराज ने बताया कि हाल ही में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रकाश खेतान के एक वीडियो के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है कि उन्होंने एक ब्रेन सर्जरी के दौरान एक्यूप्रेशर तकनीक का उपयोग कर मरीज की पल्स रेट को नियंत्रित करने में सहायता की। यह घटना चिकित्सा क्षेत्र में एक असाधारण उदाहरण मानी जा रही है।
डॉ. नवीन सिंह ने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह मामला अत्यंत रोचक और प्रेरणादायक है, फिर भी ब्रेन सर्जरी में एक्यूप्रेशर की प्रभावशीलता को सिद्ध करने के लिए व्यापक वैज्ञानिक शोध और प्रमाण आवश्यक हैं। वर्तमान समय में इसे मुख्य चिकित्सा पद्धति के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि एक्यूप्रेशर के संभावित लाभों में तनाव एवं दर्द में कमी, रक्त प्रवाह में सुधार तथा शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को सक्रिय करना शामिल है। सर्जरी के दौरान या उसके बाद सहायक (पूरक) चिकित्सा के रूप में इसका उपयोग मरीज की स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने कहा कि गंभीर रोगों, विशेषकर ब्रेन सर्जरी जैसी जटिल स्थितियों में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का महत्व सर्वोपरि है, जबकि एक्यूप्रेशर को केवल पूरक चिकित्सा के रूप में, योग्य चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में इस विषय पर वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से एक्यूप्रेशर की भूमिका को और अधिक स्पष्ट किया जा सकेगा, जिससे यह चिकित्सा जगत के लिए एक सहायक विधा के रूप में स्थापित हो

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