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कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती में डिजिटल कृषि ब्रांडिंग पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती (वेदांत टाइम्स/बस्ती टाइम्स24)। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को आधुनिक बाजार व्यवस्था से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से “डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि ब्रांडिंग और मार्केटिंग” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्व युवक केंद्र बस्ती द्वारा किया गया, जबकि युवा विकास समिति ने सह-आयोजक की भूमिका निभाई। सेमिनार में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए करीब 250 किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों और कृषि विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व युवक केंद्र के सीईओ उदय शंकर सिंह कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से किसान अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एफपीओ के माध्यम से सामूहिक प्रयास कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सरकार डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदय शंकर सिंह ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलते हैं। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सकती है। उन्होंने युवाओं से कृषि नवाचार में आगे आने का आह्वान किया।
बृहस्पति कुमार पाण्डेय कि आज के समय में खेती के साथ-साथ मार्केटिंग की समझ भी जरूरी है। डिजिटल ब्रांडिंग से किसान अपने उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को स्थापित कर सकते हैं, जिससे उनकी आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार हो सकता है।
कर्नल के सी मिश्र कहा कि एफपीओ किसानों को संगठित कर बाजार में मजबूत बनाते हैं। डिजिटल माध्यम अपनाने से पारदर्शिता बढ़ती है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलता है।
प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती डॉ. पी.के. मिश्र ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को नवीन तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने के लिए सतत प्रयास कर रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रयोग से खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में डिजिटल एक्सपर्ट एवं कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार ने किसानों को डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रचार, ई-मार्केटप्लेस, ऑनलाइन ब्रांड निर्माण और पैकेजिंग की बारीकियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही डिजिटल रणनीति अपनाकर एफपीओ अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं और बिचौलियों की भूमिका को कम कर सकते हैं।
इस अवसर पर भानु प्रकाश राणा, मंगला प्रसाद मौर्य, राघवेंद्र विक्रम सिंह, डॉ. प्रेम शंकर ने भी अपने विचार रखे और किसानों को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में खेती की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट नवाचार करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में प्रिंस यादव, अरविंद कुमार सिंह, राम पूरन चौधरी, हरि ओम मिश्र, डॉ. विनोद बहादुर सिंह, डॉ. अंजलि वर्मा, अहमद अली, राजेंद्र सिंह सहित पूर्वांचल के करीब 150 किसान शामिल रहे।
सेमिनार ने किसानों में डिजिटल कृषि ब्रांडिंग और मार्केटिंग को लेकर नई जागरूकता पैदा की और उन्हें आत्मनिर्भर व बाजारोन्मुखी बनने की दिशा में प्रेरित किया। कार्यक्रम में सुरेश पाण्डेय, बृहस्पति, प्रिंस यादव, अनूप मौर्य, अनिमेष श्रीवास्तव, मयंक कुमार श्रीवास्तव सहित अनेकों लोग मौजूद रहे।

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