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इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के जनक डॉ. काउंट सीज़र मैटी की जयंती पर विशेष

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती (वेदांत टाइम्स)।
इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. काउंट सीज़र मैटी जी का नाम चिकित्सा जगत में विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। उनका जन्म 11 जनवरी 1809 को इटली के बोलोग्ना नगर में एक समृद्ध परिवार में हुआ था। 3 अप्रैल 1896 को ग्रिज़ाना मोरंडी में उनका निधन हुआ, किंतु उनके सिद्धांत और उपचार पद्धति आज भी विश्व के अनेक देशों में प्रचलित हैं।
डॉ. काउंट सीज़र मैटी एक कुशल राजनेता, साहित्यकार तथा नवाचारी चिकित्सक थे। उन्होंने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी नामक नवीन चिकित्सा सिद्धांत का प्रतिपादन किया, जो औषधीय पौधों से प्राप्त प्राकृतिक ऊर्जा (विद्युतीय शक्ति) के संतुलन पर आधारित है। उनका मानना था कि शरीर में रोगों का मूल कारण रक्त और लसीका तंत्र का असंतुलन है, जिसे वनस्पति-आधारित औषधियों से ठीक किया जा सकता है।
मैटी जी ने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी पर कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की, जिनमें “ए लिटिल हिस्ट्री ऑफ द रेमेडीज़ मैटी” तथा “इलेक्ट्रो-होम्योपैथी, न्यू वेड-मेकम” विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से उन्होंने अपनी चिकित्सा पद्धति को जनमानस तक पहुँचाया।
उन्होंने अपने निजी एस्टेट में रोगियों का उपचार आरंभ किया, जहाँ यूरोप के विभिन्न देशों से मरीज उपचार के लिए आते थे। उनके उपचार परिणामों से प्रभावित होकर अनेक चिकित्सक और विद्वान उनके अनुयायी बने। उनके गोद लिए हुए पुत्र मारियो वेंटुरोली ने आगे चलकर इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनीतिक जीवन में भी डॉ. मैटी सक्रिय रहे। ऑस्ट्रिया के साथ संघर्ष के समय उन्होंने अपनी भूमि दान कर पोप का विश्वास प्राप्त किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें “काउंट” की उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल और मजिस्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया।
डॉ. काउंट सीज़र मैटी का जीवन नवाचार, सेवा और मानव कल्याण को समर्पित रहा। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के माध्यम से उन्होंने चिकित्सा जगत को एक नई दिशा प्रदान की, जो आज भी शोध और उपचार का विषय बनी हुई है।
— डॉ. नवीन सिंह
बी.ए.एम.एस,एम.डी. (ई.एच.)
कटेश्वर पार्क, बस्ती

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