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जसोल में योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा के तहत भव्य आयोजन, 2026 अणुव्रत कैलेंडर का हुआ लोकार्पण

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल
योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा के अंतर्गत “21वीं सदी में कैसे बढ़े अणुव्रत की चाल?” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में शुक्रवार को नया तेरापंथ भवन, नाकोड़ा रोड, जसोल में अणुव्रत समिति जसोल एवं अणुव्रत मंच असाडा द्वारा शालीन एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में 2026 के अणुव्रत कैलेंडर एवं “21वीं सदी में कैसे बढ़े अणुव्रत की चाल?” बैनर का लोकार्पण अणुव्रत विश्व भारती के सहमंत्री उमेन्द्र गोयल (जयपुर), अणुव्रत लेखक मंच के राष्ट्रीय संयोजक जिनेन्द्र कोठारी (जोधपुर), राज्य प्रभारी जयपुर संभाग श्रीमती रीना गोयल एवं राज्य प्रभारी जोधपुर संभाग डॉ. सुधा भंसाली द्वारा किया गया। साथ ही सिवांची मालाणी अणुव्रत लेखक मंच के गठन की घोषणा भी की गई।
यह अभियान अणुव्रत अनुशास्ता के निर्देशानुसार 13 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक देशभर में चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण, साधना और समन्वय के माध्यम से अणुव्रत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत गीतिका के सामूहिक संगान से हुआ। इसके पश्चात अणुव्रत विश्वभारती के सहमंत्री श्री उमेन्द्र गोयल ने अणुव्रत आचार संहिता का वाचन किया, जिसे सभी उपस्थित जनों ने खड़े होकर अनुमोदित किया।
तेरापंथ सभा अध्यक्ष एवं अणुव्रत प्रभारी भूपतराज कोठारी ने जसोल क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी दी। अणुव्रत समिति जसोल के अध्यक्ष महावीरचंद सालेचा ने स्वागत भाषण में समाज में नशामुक्ति हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
पूर्व अध्यक्ष पारसमल गोलेच्छा ने वर्षभर की गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें विद्यालयों में सेवा कार्य, पौधारोपण, मुस्लिम भाइयों के लिए रोजा इफ्तियारी एवं जीवन विज्ञान कार्यक्रम प्रमुख रहे।
राष्ट्रीय संयोजक जिनेन्द्र कोठारी ने अपने उद्बोधन में जसोल से जुड़े स्मरणीय व्यक्तित्वों को याद करते हुए सिवांची मालाणी अणुव्रत साहित्य मंच के गठन का आह्वान किया। वहीं डॉ. सुधा भंसाली ने अणुव्रत मंच असाडा का आभार व्यक्त करते हुए निरंतर सक्रिय रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी अतिथियों का अणुव्रत दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया तथा जीवन विज्ञान की पुस्तिकाएं वितरित की गईं।
कार्यक्रम का संचालन अणुव्रत मंत्री सफरू खान ने किया तथा अंत में कवि अशोक प्रदीप ने गुरुदेव तुलसी पर भावपूर्ण कविता प्रस्तुत कर वातावरण को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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