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श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, छात्रों को अन्य कॉलेजों में किया जाएगा शिफ्ट

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार
नई दिल्ली, 6 जनवरी 2026।
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस, काक्रयाल को एमबीबीएस पाठ्यक्रम (50 सीटें) संचालित करने के लिए दी गई अनुमति (LoP) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
यह फैसला 2 जनवरी 2026 को की गई अचानक निरीक्षण (Surprise Inspection) के बाद लिया गया, जिसमें कॉलेज में न्यूनतम मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए।
📌 क्यों रद्द हुई मान्यता?
NMC को कॉलेज के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें शामिल थे:
फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टरों की भारी कमी
मरीजों की संख्या बेहद कम
अस्पताल की सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर मानकों से नीचे
निरीक्षण में सामने आया कि:
39% फैकल्टी की कमी
65% ट्यूटर, डेमोंस्ट्रेटर और सीनियर रेजिडेंट की कमी
ओपीडी में दोपहर 1 बजे सिर्फ 182 मरीज (मानक 400)
बेड ऑक्यूपेंसी सिर्फ 45% (मानक 80%)
आईसीयू बेड ऑक्यूपेंसी करीब 50%
औसतन सिर्फ 25 डिलीवरी प्रति माह
🏥 इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी खामियां
निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि:
कई विभागों में प्रैक्टिकल लैब और रिसर्च लैब मौजूद नहीं
लाइब्रेरी में सिर्फ 744 किताबें (मानक 1500) और केवल 2 जर्नल (मानक 15)
केवल 2 ऑपरेशन थिएटर चालू (मानक 5)
ओपीडी में कोई माइनर ओटी नहीं
ART सेंटर और MDR-TB इलाज की सुविधा नहीं
कुछ विभागों में पुरुष और महिला वार्ड तक अलग-अलग नहीं
⚖️ NMC का सख्त कदम
NMC ने इसे UGMSR-2023 और Establishment of Medical Institutions Regulations, 2023 के तहत गंभीर गैर-अनुपालन माना और:
✔ कॉलेज की Letter of Permission रद्द कर दी
✔ कॉलेज की Performance Bank Guarantee जब्त करने का आदेश दिया
🎓 छात्रों को राहत
इस फैसले में छात्रों के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है।
👉 2025-26 सत्र में दाखिला ले चुके सभी छात्रों को जम्मू-कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में सुपरन्यूमरेरी सीटों पर एडजस्ट किया जाएगा।
👉 यानी किसी भी छात्र की MBBS सीट नहीं जाएगी।
इस प्रक्रिया को UT सरकार के स्वास्थ्य और काउंसलिंग प्राधिकरण पूरा करेंगे।
🛑 NMC का संदेश
यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि मेडिकल शिक्षा में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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