अलवरजयपुरब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

जीएसटी की जमीनी समस्याओं को लेकर बीएमए प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में रखी बात, मुख्य आयुक्त ने दिए सकारात्मक संकेत

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा

 

  29 दिसंबर 2025

आज दिनांक 29 दिसंबर 2025 को बीएमए (BMA) के अध्यक्ष चौ. जसबीर सिंह राणा, मानद सचिव जी.एल. स्वामी एवं पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र चौहान ने जयपुर में आयोजित शिकायत निवारण समिति (GRC) की बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान जीएसटी एवं सीजीएसटी के मुख्य आयुक्त के समक्ष उद्योगों को जीएसटी कानून के अंतर्गत आ रही विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा गया।

बीएमए प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित कराया—

1. कारण बताओ नोटिस (SCN) का यांत्रिक निर्गमन

बिना उचित जांच और सत्यापन के एससीएन जारी किए जा रहे हैं। मांग की गई कि केवल तथ्यों पर आधारित और विधिसम्मत जांच के बाद ही नोटिस जारी हों।

2. इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से अनुचित इनकार

सप्लायर स्तर की त्रुटियों के कारण ईमानदार खरीदारों को दंडित न किया जाए और आईटीसी रोकने से पहले उचित तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित की जाए।

3. जीएसटी पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याएं

वास्तविक तकनीकी खामियों को प्रशासनिक रूप से स्वीकार किया जाए और सिस्टम जनित त्रुटियों के लिए करदाताओं को दंडित न किया जाए।

4. केवल ई-वे बिल डेटा के आधार पर टैक्स डिमांड

ई-वे बिल को केवल एक संकेतक टूल माना जाए, न कि कर निर्धारण का अंतिम प्रमाण।

5. कार्यवाहियों का अनिश्चितकाल तक लंबित रहना

कारोबार में निश्चितता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए सभी कार्यवाहियों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

6. निल रिटर्न पर लेट फीस एवं पेनल्टी

जहां कोई टैक्स देनदारी नहीं है, वहां निल रिटर्न मामलों में नरम और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की मांग की गई।

7. फॉर्म GST SPL-01 (एमनेस्टी आवेदन) पर कार्रवाई न होना

एमनेस्टी योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों को समयबद्ध तरीके से निपटाने तथा बिना ब्याज व पेनल्टी के पुराने विवादों को समाप्त करने की मांग की गई।

8. जीएसटी दर संरचना में विसंगति (कागज बनाम नालीदार बॉक्स)

18% टैक्स वाले कागज से बने 5% टैक्स वाले नालीदार बॉक्स के कारण पूंजी अवरोध (Capital Blockage) की समस्या बताई गई।

9. मेटल बर्तन उद्योग में टैक्स असंतुलन

मेटल शीट पर 18% जीएसटी, जबकि तैयार बर्तनों पर मात्र 5% टैक्स होने से उद्योग को नुकसान हो रहा है।

बैठक के दौरान जीएसटी एवं सीजीएसटी के मुख्य आयुक्त ने उद्योगपतियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें वास्तविक बताते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में होने वाले संशोधनों में इन सभी मुद्दों को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर बीएमए के उप-कोषाध्यक्ष गोविंद गुप्ता, उपाध्यक्ष गोविंद चांदना, रणधीर सिंह, राजबीर सिंह, अजित सिंह देशवाल, नितिन गोयल, नाथूराम चौधरी, संतलाल, अरुण त्यागी, दीपक कुमार शर्मा, मानद संयुक्त सचिव सुखदेव सिंह, पी.सी. राय, मनोज कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

Related Articles

Back to top button