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रूद्रपुर में ऐतिहासिक होगा उत्तरायणी महोत्सवः डा. चंदौला,13-14 जनवरी को शैल भवन में होगी कुमांऊनी लोक संस्कृति की धूम

The Uttarayani festival in Rudrapur will be historic: Dr. Chandola, Kumaoni folk culture will be celebrated at Shail Bhawan on January 13-14.

ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल

रूद्रपुर।शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद) के संरक्षक एवं चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कालेज के एमडी डा. केसी चंदौला ने कहा कि कुमाऊँ का प्रसिद्ध लोक पर्व उत्तरायणी रूद्रपुर में शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद) की ओर से ऐतिहासिक रूप में मनाया जाएगा। डा. चंदौला ने मीडिया को बताया कि 13 और 14 जनवरी को गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में आयोजित होने वाला उत्तरायणी महोत्सव इस बार विशेष रूप से भव्य और यादगार होगा।

डा. चंदौला ने कहा कि घुघुतिया त्यार के नाम से प्रसिद्ध यह पर्व कुमाऊँ की लोक संस्कृति का प्रतीक है और इसे रूद्रपुर में हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार महोत्सव के पहले दिन ख्यातिप्राप्त लोक कलाकारों की प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी।

कार्यक्रम में लोक गायक गजेन्द्र राणा, लोक कलाकार साक्षी काला, लोक गायिका डॉ. कसुम भट्ट, विक्रम रावत, जगदीश भð, राजेन्द्र बिष्ट, सुरू रावत और अक्षय राणा जैसे कलाकार मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। सिर्फ संगीत ही नहीं, बल्कि महोत्सव में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा कुमाऊँ की पर्वतीय संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक व्यंजनों और कुमाऊनी संस्कृति के स्टॉल, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और अन्य आकर्षण मेले का हिस्सा होंगे।

विशेष रूप से, चंदौला मेडिकल कॉलेज की ओर से दो दिन तक निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाया जाएगा, जिसमें छह चिकित्सकों की टीम मरीजों की जांच करेगी और जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की जाएंगी। डा. चंदौला ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित इस दो दिवसीय महोत्सव में पहुंचें और पारंपरिक संस्कृति, मनोरंजन और स्वास्थ्य सुविधाओं का आनंद लें। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी महोत्सव न केवल पर्व का जश्न है, बल्कि यह कुमाऊँ की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने और सामाजिक मेलजोल बढ़ाने का भी अनोखा अवसर है।

डॉ चंदोला ने बताया कि मेले को सफल बनाने के लिए गोपाल सिंह पटवाल, सी.बी. घिल्डियाल, दिनेश भट्ट, महेश काण्डपाल, दिवाकर पाण्डेय, उत्तम जंतवाल, ललित मोहन उप्रेती, मोहन चन्द्र उपाध्याय, भरत लाल साह, नरेन्द्र सिंह रावत, राजेन्द्र सिंह बोरा, लक्ष्मी दत्त भट्ट, त्रिभुवन जोशी सहित शेल परिषद की पूरी टीम जोर शोर से जुटी है।

Anita Pal

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