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ओबीसी समाज ने राजस्थान सरकार के समक्ष रखा 11 सूत्रीय मांग पत्र, राजनीतिक प्रतिनिधित्व व आरक्षण बढ़ाने की उठी मांग

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

 

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग के अध्यक्ष श्री मदन लाल भाटी को एक विस्तृत 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष श्री चंपालाल गेधर एवं बीकानेर जिला अध्यक्ष श्री राजाराम सिगड़ ने कहा कि ओबीसी समाज राज्य की सबसे बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित है। इसलिए ओबीसी समुदाय के सर्वांगीण विकास और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना समय की मांग है।

मांग-पत्र में निम्न प्रमुख बिंदु शामिल हैं:

1. जातिगत सर्वे और आनुपातिक आरक्षण की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य में तत्काल जातिगत सर्वे कराया जाए तथा “जितनी संख्या उतनी हिस्सेदारी” के सिद्धांत पर ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाए।

2. राजनीति में आरक्षण

पंचायती राज, नगर निकाय, विधानसभा व लोकसभा में ओबीसी के लिए जनसंख्या आधारित सीटें आरक्षित किए जाने की मांग की गई।

3. आरक्षण को 21% से बढ़ाकर 27% करना

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र की तरह राजस्थान में भी ओबीसी आरक्षण 27% किया जाए।

4. ओबीसी वर्गीकरण की मांग

ओबीसी को तीन श्रेणियों—

(क) कृषक/पशुपालक,

(ख) कामगार/शिल्पकार,

(ग) घुमंतू प्रवृत्ति—

में वर्गीकृत कर अंतिम पंक्ति तक लाभ पहुंचाने की मांग की गई।

5. नौवीं अनुसूची में सुरक्षा

ओबीसी आरक्षण को कानूनी चुनौतियों से सुरक्षित रखने के लिए इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रस्ताव लाने की मांग।

6. रोस्टर प्रणाली में पारदर्शिता

सरकारी भर्तियों व विश्वविद्यालयों में रोस्टर रजिस्टर सार्वजनिक करने तथा सिंगल पोस्ट पर भी रोटेशन से आरक्षण लागू करने की बात कही गई।

7. बैकलॉग पदों पर विशेष भर्ती अभियान

बीते वर्षों में रिक्त पड़े ओबीसी बैकलॉग पदों को सामान्य भर्ती में जोड़ने के बजाय विशेष ड्राइव चलाकर भरने की आवश्यकता बताई गई।

8. पदोन्नति में आरक्षण

एससी/एसटी की तर्ज पर ओबीसी कर्मचारियों को भी प्रमोशन में आरक्षण दिए जाने की मांग रखी गई।

9. क्रीमी लेयर में सुधार और सीमा बढ़ाने की मांग

क्रीमी लेयर में वेतन व कृषि आय को जोड़ने की विसंगति को खत्म करने तथा सीमा बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने का आग्रह किया गया।

10. बोर्ड, निगम और आयोगों में प्रतिनिधित्व

राज्य के बोर्ड, निगम, यूआईटी व आयोगों में ओबीसी समाज को जनसंख्या के अनुसार भागीदारी देने की मांग भी शामिल रही।

11. महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटा

33% महिला आरक्षण के अंदर ओबीसी महिलाओं के लिए पृथक आरक्षण तय करने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ये 11 बिंदु केवल मांगें नहीं, बल्कि ओबीसी समाज की अस्मिता और भावी पीढ़ी का सवाल हैं। उन्हें विश्वास है कि आयोग इन पर गंभीरता से विचार करते हुए राज्य सरकार को ठोस अनुशंसाएं भेजेगा।

 

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

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