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भारतीय सेना द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा को नई दिशा — बारामुला के छोताली स्कूल में आधुनिक सुविधाएँ

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर:
भारतीय सेना ने सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर के बारामुला ज़िले के छोताली गांव स्थित सरकारी मिडिल हाई स्कूल के शैक्षणिक ढांचे को उन्नत करने की पहल की है।
यह स्कूल नियंत्रण रेखा (LoC) के नज़दीक स्थित है, जहाँ शिक्षा के संसाधनों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। सेना ने बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल को आवश्यक फर्नीचर और आधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित करने का निर्णय लिया है।
अब इस स्कूल की कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम्स में परिवर्तित किया जाएगा, जहाँ नवीनतम तकनीक और सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह पहल न केवल छात्रों के लिए बेहतर सीखने का माहौल बनाएगी बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को भी ऊँचाई पर ले जाएगी।
भारतीय सेना की यह पहल सिर्फ छोताली तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले समय में गागर हिल और सोमवाली के सरकारी विद्यालयों को भी इसी प्रकार का सहयोग प्रदान किया जाएगा। इससे सीमावर्ती गांवों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।
स्कूल के शिक्षकों ने भारतीय सेना के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि यह कदम सीमावर्ती इलाकों की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाएगा। वहीं, विद्यार्थियों में इस पहल को लेकर भारी उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएंगे और नई तकनीकों के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाएंगे।
भारतीय सेना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के भविष्य और विकास के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। यह पहल सेना और नागरिकों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग (Civil-Military Cohesion) को और मजबूत करेगी।
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