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जम्मू-कश्मीर: आधे से ज्यादा ई-बसें खड़ी, रखरखाव खर्च और स्टाफ की कमी बनी वजह

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार
जम्मू, 07 नवम्बर 2025 — जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (JKSRTC) की इलेक्ट्रिक बस सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार जम्मू शहर में चलने वाली आधे से अधिक ई-बसें पिछले कई महीनों से सड़क से गायब हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रखरखाव की भारी लागत और तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण ये बसें लंबे समय से गैर-क्रियाशील पड़ी हैं।
JKSRTC के पास जम्मू में कुल 20 ई-बसें हैं, जिनमें से 10 से अधिक पिछले एक वर्ष से डिपो में खड़ी हैं। इनमें से अधिकतर बसों के कम्प्रेशर खराब हैं, जबकि कुछ के टायर पंचर या घिस चुके हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, इन खराबियों को समय पर ठीक नहीं किया गया, जिससे धीरे-धीरे कई बसें पूरी तरह सेवा से बाहर हो गईं और अब स्क्रैप बनने की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
बताया जाता है कि JKSRTC ने वर्ष 2019 में टाटा मोटर्स से कुल 40 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी थीं — जिनमें 20 जम्मू और 20 श्रीनगर को दी गई थीं। हालांकि छह वर्ष बाद, जम्मू में तैनात इन बसों का बड़ा हिस्सा संचालन संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, बसों में लगने वाले कम्प्रेशर केवल टाटा मोटर्स से ही सप्लाई होते हैं, और प्रत्येक कम्प्रेशर की कीमत पाँच से छह लाख रुपये तक होती है। भारी लागत और बजट की कमी के कारण विभाग इन्हें समय पर बदल नहीं पा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ई-बस सेवा के शुरू होने से सार्वजनिक परिवहन में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान हालात में यह योजना ठप पड़ी नजर आ रही है।
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