उत्तर प्रदेशदेशधर्मबस्तीब्रेकिंग न्यूज़

श्री रामलीला में धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद के बाद श्रीराम सीता विवाह की धूम

सीता जी की विदाई में सुनैना और जनक के संवाद से सजल हुये नैन -दर्शकों से भरे पांडाल को देखकर बच्चे व आयोजक उत्साहित दिखे

बस्ती से वेदान्त सिंह

 

बस्ती। सनातन धर्म संस्था बस्ती की ओर से सक्सेरिया इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव षष्टम वर्ष के तीसरे दिन जनक प्रतिज्ञा, धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, परशुराम लक्ष्मण संवाद, राम जानकी विवाह और विदाई का मंचन हुआ। एस डी एस स्कूल खड़ौहा के बच्चों ने सीता स्वयंवर व धनुष भंग करने के दृश्य को प्रस्तुत कर दर्शकों से खूब तालियां बटोरी। रावण वाणासुर संवाद अविस्मरणीय रहा। दूसरे भाग में यूनिक साइंस एकेडमी, बस्ती के बच्चों ने परशुराम लक्ष्मण संवाद, श्री सीताराम विवाह, कलेवा और विदाई तक की लीला सजीव मंचन किया।परशुराम लक्ष्मण संवाद, सुनैना जी की सीता जी को सीख और जनक जी का विदाई के समय करुण निवेदन सुन सबकी आँखों में आँसू आ गये।

श्रीराम दरबार की आरती, श्री रामस्तुति से आरम्भ हुई श्रीराम लीला में लीला का मंचन जनक प्रतिज्ञा के दृश्य से शुरू होता है। इसी में धनुष यज्ञ का चित्रण किया गया।

व्यास राजा बाबू पाण्डेय ने बताया कि शिव का धनुष जहाज है और राम का बल समुद्र है। धनुष टूटने से वह सारा समाज डूब गया, जो मोहवश इस जहाज पर चढ़े थे। दर्शक गण रंग बिरंगे फूल बरसा रहे थे। व्यास जी गीत गा रहे थे। सभी हर्षित नजर आ रहे थे। इस प्रसंग में जनक जी बताते हैं एक समय की बात है जब सीता जी, महल में रखे शिवजी के धनुष को एक पुष्प की भांति एक स्थान से दूसरे सथान पर रख देती हैं। जिसको देखकर राजा जनक यह प्रतिज्ञा लेते हैं कि जो कोई भी इस धनुष को तोड़ेगा, सीता का विवाह वह उससे करेंगे।

जनक जी प्रतिज्ञा के अनुसार महल में धनुष यज्ञ का आयोजन करते हैं जहां पर तमाम सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए राजा-महाराजा भाग लेते हैं और सभी धनुष को उठाने का प्रयास करते हैं लेकिन सब धनुष को तोड़ने के बजाए उठाने में ही अक्षम साबित होते हैं।

उसी समय पाताल निवासी वाणासुर और लंकाधिपति रावण का आगमन होता है। रावण वाणासुर के संवाद अविस्मरणीय बन गये। लोगों खूब तालियाँ बजाईं।

जनक जी ने जब अपना दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यह पृथ्वी वीरों से खाली है उसी समय लक्ष्मण जी ने क्रोधित होकर जनक जी को समझाया की श्री राम चन्द्र जी के होते ऐसे अनुचित वचन आपको नही कहना चाहिए।

जनक और लक्ष्मण संवाद पर खूब तालियां बजीं, लोगों ने लक्ष्मण के संवाद को खूब सराहा।

लीला में गुरू विश्वामित्र श्री राम को आदेश देते हैं कि वह उस धनुष की प्रत्यंचा चढ़ायें।

गुरू की आज्ञा पाकर श्री राम, शिव जी के धनुष को हाथ से उठाकर जैसे ही प्रत्यंचा चढाते हैं वैसे ही सारे लोग हतप्रभ हो जाते हैं प्रत्यंचा चढ़ाते ही राम से शिव धनुष टूट जाता है।

पूरा रामलीला पांडाल भगवान के जयघोष से गूँजने लगता है। आयोजक और दर्शक गण पुष्प वर्षा करने लगे।

दूसरे भाग में यूनिक साइंस एकेडमी, बस्ती के बच्चों द्वारा आगे की लीला का मंचन किया गया। आगे की लीला में जैसे ही धनुष टूटने की आवाज आकाश में गूंजती है वैसे ही महल में परशुराम जी गरजते हुए महल में पहुंचते हैं और क्रोध में कहते हैं कि भगवान शिव के इस धनुष को किसने तोड़ा है, कौन है यह दुःसाहसी। परशुराम के इस वचन को सुनकर राम जी सहज भाव से उत्तर दिया परन्तु लक्ष्मण जी बड़े आवेग में आकर उत्तर देते हैं। परशुराम जी और लक्ष्मण जी में बड़ा सुंदर संवाद स्थापित होता। इस संवाद को सुनकर तालियां बजती रहीं और लोगों ने पुरस्कार दिये।

परशुराम लक्ष्मण संवाद के बाद दूत अयोध्या जाता और वहाँ महाराज दशरथ बारात सजाकर जनकपुर आते हैं। बारात में ढोल नगाड़े पर नाचते गाते, पटाखे फोड़ते दर्शक भी सम्मिलित हुये। पांडाल दर्शको से भरा रहा।

लौकिक रीत से श्री राम जी श्री जानकी जी का विवाह व विदाई हुई। विवाह के अवसर पर दर्शकों ने माता सीता और प्रभु श्री राम के पांवपूजे और दान दिये इस सुंदर अवसर पर आकाश से सभी देवतागण पुष्प वर्षा करते हैं।

विवाह के अवसर पर सनातन धर्म सँस्था की ओर से बारातियों व दर्शकों के लिए सुंदर जलपान की व्यवस्था की गई।

संजय उपाध्याय, सन्तोष श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, जी के शुक्ल, योगेश शुक्ल, जिप्पी शुक्ल, प्रेम शंकर ओझा, सिद्धार्थ शंकर मिश्र, वीरेंद्र पांडेय, राम विलास शर्मा, इंजीनियर राजेश श्रीवास्तव, रमेश पाल सिंह, शिवसागर शुक्ल, बुद्धिसागर शुक्ल, पण्डित चंद्रभान तिवारी, राकेश उपाध्याय, अजय उपाध्याय, विजय उपाध्याय, अंशू उपाध्याय, कर्नल के सी मिश्र, अखिलेश शुक्ल, कैलाश नाथ दूबे, अंकुर यादव, अनुराग शुक्ल, भोला नाथ चौधरी, श्याम चन्द्र चौधरी, दुर्गेश श्रीवास्तव, राजेश मिश्र, रामकुमार शुक्ल, मनीष सिंह, अतुल चित्रगुप्त, शुशील मिश्र, भोलानाथ चौधरी, अर्पित गौड़, अभय त्रिपाठी, डॉ शैलेष सिंह, डॉ रोहन दूबे, डॉ दुर्गेश पांडेय, हर्ष शुक्ल, अंकित त्रिपाठी, हरीश त्रिपाठी, विष्णु शुक्ल, परमेश्वर कुमार शुक्ल पप्पू , अविनाश त्रिपाठी, अनुराग त्रिपाठी आदि लोग उपस्थित रहे।

🙏🙏

पंकज त्रिपाठी

9936311711

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Related Articles

Back to top button