वॉशिंगटन/जर्मनी, 05 अक्टूबर 2025 — अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी मांग को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलता है, तो यह अमेरिका का अपमान होगा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यों की भी आलोचना की और सवाल उठाया कि संयुक्त राष्ट्र वास्तव में क्या कर रहा है।
हालांकि, ट्रंप के नोबेल शांति पुरस्कार के समर्थन में पाकिस्तान ने अप्रत्याशित झटका दिया है। गाजा शांति प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान ने अब स्पष्ट दूरी बना ली है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने औपचारिक रूप से कहा कि यह दस्तावेज़ पाकिस्तान का नहीं है और इसमें उनके मूल मसौदे में बदलाव किए गए हैं। डार ने यह बयान संसद में दिया, जिससे पाकिस्तान इस प्रस्ताव से आधिकारिक तौर पर अलग होने वाला पहला देश बन गया।
इसके अलावा, हाल ही में हुई यूरोपीय बैठक में ट्रंप की किरकिरी भी हुई। बैठक में उनके कई बयान और गलतियां ठहाकों का कारण बनीं। कुछ नेताओं के नाम और घटनाओं को लेकर उनके गलत दावे और तंज चर्चा में रहे, जिससे ट्रंप का नोबेल पुरस्कार का दावा विवादों में आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रवैया उनके शांति पुरस्कार की उम्मीदों पर भारी पड़ सकता है।