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कृषि विज्ञान केंद्र गोटा बानसूर में मशरूम उत्पादन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

25 किसानों ने लिया हिस्सा, युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहन

 

जयबीर सिंह ब्यूरो रिपोर्ट गुता (बानसूर)

गुता बानसूर, 17 जुलाई।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, गोटा बानसूर में 16 व 17 जुलाई को मशरूम उत्पादन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में खैरथल-तिजारा, किशनगढ़बास, मुंडावर, बानसूर, नीमराणा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के 25 किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका व उपलब्ध सेवाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन न केवल कम लागत वाला व्यवसाय है, बल्कि यह भूमिहीन किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए एक बेहतरीन उद्यमिता का अवसर भी प्रदान करता है।

प्रशिक्षण समन्वयक एवं पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने मशरूम में पाए जाने वाले प्रोटीन, रेशा, विटामिन डी और के जैसे पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए बताया कि ये तत्व अन्य सब्जियों व फलों की तुलना में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।

उन्होंने ढींगरी एवं बटन मशरूम की उत्पादन तकनीक को विस्तार से समझाते हुए किसानों को तुड़े (गेहूं भूसा) की स्टेरलाइजेशन प्रक्रिया, बीज मिलाने की विधि, उत्पादन कक्ष की साफ-सफाई, तापमान, आर्द्रता, ऑक्सीजन एवं CO₂ के नियंत्रण, तोड़ाई एवं विपणन (मार्केटिंग) तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया समझाई।

इस दौरान केंद्र के डॉ. संदीप रस्तोगी और डॉ. प्रेमचंद गढ़वाल ने भी मशरूम उत्पादन से संबंधित उपयोगी जानकारियाँ साझा कीं।

किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत लाभकारी बताया और भविष्य में मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने की रुचि जताई। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों से स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।

Viyasmani Tripaathi

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