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पंचायतो में विकास के नाम पर लूट का महा संग्राम जारी । कहीं राशन की दुकानों से चावल तो कहीं पंचायत से तालाब गायब।जिम्मेदार भी हिस्सेदार

मनासा तहसील के अंतर्गत आने वाली लगभग 40% पंचायतो में लूट का महासंग्राम जारी नए आंकड़ों में देखा जाय तो विकास के नाम पर सिर्फ पंचायते लूट का खेल खेल रही। धरातल पर विकास नहीं दिखाई दे रहा। भ्रष्टाचार के खेल में पंचायत के मुखिया सरपंच सचिव रोजगार सहायक इंजीनियर ठेकेदार से लेकर उच्च अधिकारी तक हिस्सेदार हैं। जब कोई विकास होता है तो सर्वप्रथम उप यंत्री की अनुमति के कोई भी निर्माण नही होता। पर यहां पर भी उप यांत्रि की सहमति भी भ्रष्टाचार में बराबर हिस्सेदार हैं। भ्रष्टाचार का खेल यही से शुरू होकर यहीं पर खत्म हो जाता है। ।हो रहा भरपूर भ्रष्टाचार । जिम्मेदारो द्वारा अगर सही से पड़ताल की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सिर्फ कागजों में विकास दर्शाया जा रहा।। धरातल पर कोई विकास नजर नहीं आ रहा। पंचायतो में लाखो का विकास सिर्फ हजारों में ही सिमट रहे। बाकी सब अपने अपने हिस्सों में समेट रहे।। भ्रष्टाचार के नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे। कहीं राशन की दुकानों से राशन गायब हैं।। तो पंचायत से पूरे के पूरे तालाब गायब हैं। कहीं स्टाफ डेम तो कहीं पर्कुलेशन टैंक गायब है। तो कहीं अमृतसरोवर तालाब के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा। छोटी जगह में तालाब बनाकर अमृत सरोवर तालाब का नाम देकर भ्रष्टाचार किया जा रहा। तो कहीं पौधों के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा। पिछले 2 साल से अधूरे पड़े सार्वजनिक शौचालय आज भी पूरे नहीं हुए 343000 की राशि पंचायतो द्वारा हड़प ली गई और आज भी जनता के लिए सार्वजनिक नहीं किए गए। सिर्फ फोटो लगाकर दर्शाए गए विकास ऐसे कई विकास जो सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गए। रामपुरा तहसील के अंतर्गत ऐसी पंचायतें हैं। जहां गांव में गंदगी और भ्रष्टाचार भरपूर देखने को मिलेगी। पर विकास नहीं।। सिर्फ मुखियाओ का हो रहा विकास उप यंत्री हो रहे हैं मालामाल ठेकेदारो की बल्ले बल्ले। मनासा तहसील में इस वक्त भ्रष्टाचार पूरे चरम सीमा पर। लाखों का विकास सिर्फ कागजों में ही सिमट रहा। चंद रुपयों की लागत से बड़ा विकास बताया जा रहा नाम मात्र के काम कर फोटो खींचकर राशि हड़पी जा रही। लाखों रुपए डकार गई पंचायते सरपंच सचिव ठेकेदार इंजीनियर हो रहे मालामाल। जनता विकास की आस लेकर बैठी। मुखियाओं की वजह से पंचायते विकास के नाम पर हो रही खोखली सरकारी खजाने पर डाल रहे डाका। और पंचायत में लूट का खेल जारी। लाखो से ऊपर के तालाब मात्र कुछ ही रूपों में बनाकर राशि हड़पी जा रही। तो कहीं-कहीं स्टाफ डेम के नाम पर मस्टर लगाकर सरपंच सचिव व रोजगार सहायक उप यंत्री और ठेकेदार सब की हो रही बल्ले बल्ले।। आखिर यह पंचायत में लूट का खेल कब तक रहेगा जारी कब बंद होगा भ्रष्टाचार कब मिलेगी जनता को विकास के नाम से राहत।। कहीं राशन की दुकानों से चावल गायब है तो कहीं पंचायत से तालाब गायब है ऐसे मेरे मध्य प्रदेश की पंचायते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट,,, दशरथ माली चचोर

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