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नारी केवल मानव की ही नहीं मानवता की भी जननी है — बहन जी
खुशहाल महिला, खुशहाल परिवार – ब्रह्माकुमारी सीता बहन जी*

लोकेशन=पन्ना
ब्यूरो चीफ=सुधीर अग्रवाल
*मातृ दिवस* के उपलक्ष में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में *”स्वास्थ्य एवं सुखी परिवार में महिलाओं की भूमिका”* विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर किया गया। बहन जी ने सभी को मातृ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अपने आप में विशेष दिन है। नारी ईश्वर की अद्वितीय रचना है। जैसे मूर्ति मंदिर की शोभा है ठीक उसी प्रकार घर व सृष्टि की शोभा नारी है। व्यक्ति निर्माण से लेकर विश्व निर्माण तक महिलाओं का महत्व और भूमिका हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं। परिवार जो कि समाज की सबसे बड़ी इकाई है उसकी जीवन पद्धति और व्यवहार उस परिवार की प्रमुख महिला के संस्कारों से प्रतिबिंम्बित होते हैं। परिवार के सभी सदस्यों के संस्कारों को तराशने की जिम्मेदारी उसी पर होती है। महिला ममता, त्याग, कल्याण, सेवा और उच्च मूल्यों की सजीव प्रतिमा है।
आगे आपने कहा कि आदिकाल में जब महिला आध्यात्मिक शक्ति से संपन्न थी तब उसकी पूजा होती थी। नारी की दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती आदि अनेक रूपों में पूजा आराधना करते हैं किंतु आज की नारी आध्यात्मिकता से दूर होने के फलस्वरुप पूजनीय नहीं रही। आज कहने को हमारा देश काफी विकसित हो गया है पर आज भी कई महिलाओं को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ता है। भौतिक दृष्टि से नारी ने बहुत तरक्की की है किंतु आध्यात्मिकता से वह दूर हो गई है। नारी और संस्कृति एक दूसरे के पूरक है परंतु अध्यात्म से दूर जाने के कारण महिलाएं अपनी संस्कृति से भी दूर होती जा रही हैं। वर्तमान समय महिलाओं में आध्यात्मिक जागृति की बहुत आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती निशा जैन, पूर्व प्राचार्य ने कहा कि बच्चों में संस्कारों को संचित करने की जिम्मेदारी नारी की है। श्रीमती मीना पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मुझे यहां आकर असीम शांति का अनुभव होता है, हम सभी को यहां की शिक्षाओं का अनुकरण करना चाहिये। कार्यक्रम में श्रीमती चंद्रप्रभा तिवारी, श्रीमती शकुंतला बहन, श्रीमती प्रभा पटेरिया, श्रीमती कविता बहन (निरंकारी मिशन), डॉ किरन सिंह आदि गणमान्य महिला उपस्थित रहीं। अंत में सभी को ईश्वरीय साहित्य एवं उपहार देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।






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