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शांति निकेतन विद्यालय में ‘अणुव्रत गीत महासंगान’ का आयोजन

संवाददाता संतोष कुमार गर्ग बालोतरा राजस्थान
*शांति निकेतन विद्यालय में ‘अणुव्रत गीत महासंगान’ का आयोजन*
अणुव्रत अमृत महोत्सव के गौरवशाली अवसर पर अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा 18 जनवरी, 2024 को विद्यार्थियों में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन हेतु महान संत आचार्य तुलसी द्वारा रचित अणुव्रत गीत का 750 विद्यार्थियों तथा 40 विद्यालय स्टाफ द्वारा तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा निर्मला संकलेचा, उपाध्यक्ष चंद्रा बालड, तथा अणुव्रत समिति सहमंत्री देवी छाजेड़ की गारिमामयी उपस्थिति में सामूहिक गायन का आयोजन किया गया l
विद्यालय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अयूब के. सिलावट ने बताया कि विद्यालय में ‘अणुव्रत गीत महासंगान’ का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अणुव्रत गीत सद्भावना, नैतिकता, अहिंसा, संयम जैसे मानवयीय मूल्यों का प्रतिनिधि गीत है। व्यक्ति सुधार से परिवार, समाज, देश व विश्व सुधार के इस जनहितकारी अभियान जन-जन तक पहुंचे l
तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा निर्मला संकलेचा ने विद्यार्थियों को बताया कि चेतना की शुद्धि व मानव उत्थान को समर्पित अणुव्रत गीत का आप सबको नियमित गायन व अनुसरण करना चाहिए l जिससे इस गीत की सुवास जन-जन तक पहुंचे l
तेरापंथ महिला मंडल उपाध्यक्षा चंद्रा बालड अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को बताया कि महान संत आचार्य तुलसी द्वारा सन 1949 में प्रवर्तित अणुव्रत आंदोलन 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण कर ” अणुवत अमृत महोत्सव” मना रहा है। इस विश्वजनीन-आंदोलन ने जीवन के हर पक्ष को छूते हुए बिना किसी जाति, वर्ग, धर्म अथवा संप्रदाय के भेद के व्यक्तिगत व सामाजिक जीवन में शुचिता लाने का सार्थक और रचनात्मक प्रयास किया है।
अणुव्रत समिति सहमंत्री देवी छाजेड़ ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों के समक्ष बताया कि आज भारत ही नहीं अपितु समस्त विश्व में शांति व अहिंसा की संस्कृति को सम्पुष्ट करने की महती आवश्यकता है। यह आत्मानुशासन और सहअस्तित्व की भावना के आधार पर ही संभव है। अणुव्रत का दर्शन इसी उद्देश्य को समर्पित पिछले 75 वर्षों से मानव धर्म को मुखर करने के अभियान में संलग्न है। आचार्य तुलसी द्वारा रचित ” अणुव्रत गीत” इस सम्पूर्ण दर्शन को बड़ी खूबसूरती से व्याख्यायित करता है। इस गीत ने लाखों लोगों का जीवन बदला है और हजारों स्कूलों में यह गीत प्रार्थना स्वरूप गाया जाता है।
अंत में विद्यालय से नेमाराम चौधरी ने आए हुए अणुव्रत समिति तथा तेरापंथ महिला मंडल के पदाधिकारियो का आभार जताया तथा धन्यवाद ज्ञापित कर बताया कि हम सब मिलकर एक स्वस्थ व्यक्तित्व व स्वस्थ समाज के निर्माण में एक रचनात्मक भूमिका निभाएगे l

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