*सरकारी स्कूलों के रैगुलर अध्यापक पढ़ाते है आरपीएस संस्थाओं में*
*करोड़ों के गहने व कैश भी बरामद*
आरपीएस शिक्षण संस्थान ग्रुप पर पड़े आयकर विभाग की रेड में हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तैनात रैगुलर टीचर वहां नौकरी करने की बजाय आरपीएस के शिक्षण संस्थानों में पढ़ा रहे हैं। आयकर विभाग की रेड में ये खुलासा हुआ है। ओरिस बिल्डर, आरओएफ बिल्डर व आरपीएस स्कूल ग्रुप पर चल रही आयकर विभाग की रेड में ये पता चला है। *प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 4-5 टीचर ऐसे मिले हैं, जो कहने को तो सरकारी स्कूलों में टीचर हैं लेकिन ये 10वीं से लेकर 12वीं के छात्रों को आरपीएस ग्रुप के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। ऐसे दो टीचर मेवात व पंचकूला के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हैं, लेकिन वे आरपीएस ग्रुप के रेवाड़ी व गुड़गांव स्कूल में पढ़ा रहे हैं। इन टीचरों को यहां पढ़ाने के लिए ढाई लाख रुपये तक सेलरी हर महीने दी जा रही है, ऐसा स्कूल रिकॉर्ड से पता चला है। बताया जाता है कि ये सैलरी कैश में दिए जाने की ट्रांजेक्शन रेड के दौरान आयकर विभाग को मिली है।* आरपीएस ग्रुप के स्कूल हरियाणा के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुड़गांव, धारूहेड़ा, नारनौल, हांसी, कोसली, हिसार, करनाल, दादरी, रोहतक, कनीना, राजस्थान अलवर के बहरोड़ में चल रहे हैं। खबर है कि इन टीचरों को नौकरी से हटवाने के लिए आयकर विभाग की टीम जल्द ही शिक्षा विभाग से संपर्क कर कार्रवाई कराने जा रही है। *आयकर विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर आनंद झा के सुपरविजन में एडिशनल डायरेक्टर अमनप्रीत की टीम ने रेड की ये कार्रवाई कराई है। इसमें आयकर विभाग गुड़गांव व हरियाणा के कई जिलों की टीम के अलावा श्रीनगर, जम्मू, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर की टीमों को भी मदद के लिए बुलाया गया। बताया जाता है कि रेड के दौरान अब तक 12 करोड़ रुपये की ज्वैलरी व साढ़े 4 करोड़ के करीब कैश बरामद किया जा चुका है। गुड़गांव समेत अन्य जगहों पर काफी प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी आयकर विभाग की टीम ने रेड में जब्त किए हैं। इसमें अब ये चेक किया जा रहा है कि ये प्रॉपर्टी बेनामी है या नहीं।*